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Muzaffarnagar

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गंगा नदी से करीब तीस किलोमीटर की दूरी पर बसा है मुजफ्फर नगर। मुगल बादशाह शाहजहां ने अपने एक सरदार सैयद मुजफ्फर खान को सरवट नाम का परगना जागीर में दिया था। वर्ष 1633 में उसने और उसके बाद उसके बेटे मुनव्वर लश्कर खान ने इस सरलट परगना को मुजफ़्फ़र नगर नाम दिया। उत्तर प्रदेश का यह प्रमुख औद्योगिक शहर है। यहां पर चीनी और कागज की मिलें हैं। इसके अलावा सिल.सिलाये कपड़े विशेषतौर पर हाथ की कशीदाकारी के परिधानों का भी यहां बड़ा व्यापार होता रहा है। यहां की 70 फीसदी आबादी कृषि कार्यों से जुड़ी हुई है। भारत में सबसे अधिक गन्ने की पैदावार यहीं पर होती है। यहां गुड़ का सबसे बड़ा बाजार है और निकट के कस्बे खतौली में तो चीनी की प्रसिद्ध मिल है। यहां के हिंदू और जैन मंदिर अपनी स्थापत्य कला के लिए पहचाने जाते हैं।