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ताज नगरी आगरा से केवल 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित फिरोजाबाद का पुराना नाम चंदवार रहा है जो यहां के राजा चंद्रसेन के नाम पर पड़ा। वे हिंदू थे और उन्हीं के समय में प्राप्त भगवान चन्दाप्रभु की स्फटिक की प्रतिमा दुनिया की सबसे बड़ी स्फटिक की प्रतिमा है। मुगल बादशाह अकबर के मनसबदार फिरोज शाह ने चंदवार को 1556 ईस्वी में फिरोजाबाद नाम दिया। यमुना नदी के किनारे बसे इस शहर को कांच की चूड़ियों की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर रंग.बिरंगी चूडियों और झूमरों का मुख्यरूप से कारोबार किया जाता है।