हर किसी का सपना होता है कि उसका खुद का एक घर हो और इस सपने को पूरा करने के लिए वह अपने जीवनभर की कमाई का एक बड़ा हिस्सा लगाने को तैयार रहता है। त्योहारी मौसम शुरू हो चुका है और नवरात्री, धनतेरस दिवाली जैसे त्योहारों में लोग घर खरीदना सबसे शुभ मानते हैं। अगर आप इस मौके पर सपने का आशियाना लेना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखकर रखकर अच्छी प्रॉपर्टी वाजिब कीमत में खरीद सकते हैं।
रेडी टू मूव फ्लैट खरीदने का अवसर
मौजूदा समय में तैयार फ्लैट यानी रेडी टू मूव फ्लैट बाजार में बड़ी संख्या हैं। केवल एनसीआर में दो लाख के करीब रेडू टू मूव फ्लैट हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह घर खरीदारों के लिए बेहतर अवसर है क्योंकि यह उन्हें ज्यादा विकल्प उपलब्ध करा रहें है। आप इस मौके का फायदा उठाकर किफायती से लेकर लग्जरी फ्लैट की खरीदारी वाजिब दाम में कर सकते हैं। हालांकि, यह तभी होगा जब आप पहले से अपने बजट के मुताबिक प्रॉपर्टी सर्च करेंगे।
घर खरीदने के लिए पहले बनाएं बजट
त्योहारों में बैंकों की ओर से कम ब्याज दरों पर कर्ज ले लेकर घर खरीदने के लिए बिल्डरों से की ओर कई तरह के ऑफर मिलते हैं। लेकिन उसकी बजाय आपको घर खरीदने के लिए अपना बजट बनाकर तब आगे बढ़ना चाहिए। सबसे पहले तो यह मानकर चलें कि घर सस्ता हो या महंगा बिना लोन के खरीदना मुश्किल है। कर्ज लेते समय इस बात का ध्यान रखें कि ईएमआई घर की आमदनी के 40 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए। हरदम याद रखें कि घर की खरीद के साथ ऐसे कई खर्च जुड़े होते हैं जिसका अंदाजा आपको पहले से नहीं होता है। घर बेचने वाले बिल्डर के विज्ञापन में दिखाई गई कीमत सिर्फ बेस प्राइस होती है। बिल्डर ऐसी सुविधाओं के लिए पैसे ले सकते हैं जिन्हें आप फ्री मानकर चल रहे हों। स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज सहित अन्य खर्चे भी होते हैं। स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज विभिन्न राज्यों के आधार पर कुल कीमत का करीब पांच से सात फीसदी तक होता है।
सुविधाओं का जायदा खुद लें
त्योहारों के अवसर पर घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो केवल बिल्डर या एजेंट की बातों पर भरोसा न करें। वह अपने प्रोजेक्ट को बुकलेट और ब्रॉशर के सहारे प्रेजेंट करने के लुभाववने तरीके से ग्राहकों को जाल में फंसाते हैं बाद में उस फ्लैट में रहते समय जरूरी सुविधाएं ना होने पर आपको परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि जहां भी आप घर खरीदने जा रहे हैं वहां पर पानी की सप्लाई, बिजली की सप्लाई और गैस जैसी जरूरतों के बारे में जरूर विचार करें। इसके अलावा जरुरी सुविधाएं जैसे बाजार, बच्चों के लिए स्कूल और परिवहन आदि पर भी ध्यान दें।
दस्तावेज की जांच करें
त्योहारों में बिल्डरों की तरफ से तरह-तरह के वादे किए जाते हैं जो कई बार उनके दस्तावेज में नहीं होता हैं। ऐसे में अच्छा होगा कि घर खरीदते समय आप अथॉरिटी से अप्रूव्ड लेआउट मैप जरूर देखें और जाकर प्रोजेक्ट को देखें। प्रोजेक्ट में दिखाई गई मकानों की संख्या, ओपन स्पेस, ग्रीन स्पेस आदि को भी जरूर देखें। इसलिए आप मकान खरीदने से पहले बिल्डर से कम्प्लीशन या ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट जरूर मांगें। इसके सही होने पर ही आगे कोई फैसला करें।
सस्ते होम लोन का मौका
भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल रेपो रेट में तीन बार बढ़ोतरी की है जिससे कर्ज 1.40 फीसदी महंगा हो चुका है। इसके बावजूद भी अभी होम लोन की दर बहुत सस्ती है। देश के तमाम बैंक करीब आठ फीसदी के आसपास पर होम लोन दे रहे हैं। ऐसे में अभी से आप सस्ती ब्याज दर पर होम लोन पा सकते हैं। कई बैंक होम लोन की प्रोर्सेंसग फीस पर छूट की पेशकश त्योहारों में करते हैं। ब्याज दर की पड़ताल करके होम लोन के लिए सबसे पहले उस बैंक के पास जाएं जिसके आप पहले से ग्राहक हैं। ग्राहक होने की वजह से आपका वित्तीय विवरण उसके पास होता है। इससे आप लोन की प्रोर्सेंसग फीस पर मोलभाव कर सकते हैं। साथ ही आपको कई तरह के दस्तावेज जमा करने की भी जरूरत नहीं पड़ती है। बैंक प्री-अप्रूव्ड होम लोन भी देते हैं।
मोलभाव में बिल्डर से कैश डिस्काउंट मांगें
त्योहारी सीजन में अधिकांश डेवलपर्स बिक्री बढ़ाने के लिए तरह-तरह के ऑफर लेकर आते हैं। कोई टीवी, फ्रीज, कार, फ्री रजिस्ट्री या कैश डिस्काउंट ऑफर करता है। घर खरीदने का फैसला ऑफर के लालच में नहीं करें। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि आप वही ऑफर चुनें जो आपकी जरूरत के अनुसार फिट बैठता हो। उनका कहना है कि ज्यादातर लोगों के पास पहले से किराये के घर में भी टीवी, फ्रीज, एसी आदि होता है। ऐसे में कैश डिस्काउंट लेना बेहतर होगा। इससे आपके ऊपर ईएमआई का बोझ घटेगा। साथ ही आपके पास प्री-अप्रूव्ड लोन है तो बिल्डर से और ज्यादा मोलभाव कर सकते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यह ग्राहक पहले से तैयारी कर चुका है और घर की राशि का भुगतान करने में इसको कोई परेशानी नहीं होगी।
सपनों का आशियाना लेते समय रखें ध्यान
’ जिस बिल्डर से आप घर खरीद रहे हैं उसके प्रोजेक्ट की जानकारी अथॉरिटी से जरूर लें
’ बैंक बिल्डर के प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने के लिए लोन दे रहे हैं या नहीं यह जानकारी सबसे पहले जुटाएं
’ अधूरे प्रोजेक्ट की बजाय रेडी टू मूव फ्लैट को तरजीह देना फायदे का सौदा
’ प्री-अप्रूव्ड लोन लेकर फ्लैट खरीदने में ज्यादा कर सकते हैं मोलभाव
पुराने सामान से भी घर में बढ़ेगी रौनक
दिवाली की सजावट के लिए हर बार ढेर सारे पैसे ही खर्च किए जाएं, यह जरूरी नहीं है। अगर आप थोड़ी-सी समझदारी से काम लेंगी तो बेहद कम पैसों में पॉकेट फ्रेंडली के साथ-साथ एक ईको-फ्रेंडली तरीके से भी दिवाली मनाई जा सकती है।
साड़ियों से घर को दें नया रंग
इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है, बस पलंग या अलमारी में पड़ी अपनी पुरानी साड़ियों को निकालना है। फिर चाहे वह बॉर्डर वाली हो या वर्क वाली। इन साड़ियों से आप अपने घर के लिए बेहद खूबसूरत पर्दे, कुशन कवर, बेडशीट और टेबल मैट्स बनाने के अलावा अपनी डार्इंनग टेबल को भी बहुत अच्छे से सजा सकती हैं। मसलन, किसी अच्छे बॉर्डर वाली साड़ी का बॉर्डर काट कर आप उसे किसी बेडशीट पर लगा सकती हैं। या फिर दो अलग-अलग रंग की साड़ियों से कॉन्ट्रास्ट में कुशन कवर तैयार कर सकती हैं। पर्दे बनाने के लिए नेट की साड़ी या हल्की कसीदाकारी वाली साड़ियां एक बढ़िया विकल्प हो सकती हैं।
कप करेंगे घर में जगमगाहट
यहां पर पेपर कप आपका साथ देंगे। इन कपों से आपका घर बेहद सुंदर दिखेगा, इस बात की पूरी गारंटी है। ये कप बाजार में बहुत आसानी से मिल जाते हैं। दरअसल इन कपों को आपस में चिपका कर ऐसा किया जाता है। कपों को आपस में चिपकाकर ही नया आकार भी दिया जाता है। जैसे कई सारे कपों के निचले हिस्से को हटा लीजिए फिर कभी एक के ऊपर दो तो कभी दो के ऊपर एक कप चिपका लीजिए। अब छोटे बल्ब होल्डर या फिर झालरों के ऊपर इन्हें रख दीजिए। जब नीचे से सारी रोशनी ऊपर की ओर आएगी तो ये नजारा देखने लायक होगा। इसे घर के एक कोने में रखिए ओर देखिये ये कितना अच्छा लगता है। कपों को रंगा भी जा सकता है।
तोरण-बंदनवार से सजाएं घर
यूं तो आप इनकी खरीददारी बाजार से भी कर सकती हैं। पर, अगर थोड़ी-सी मेहनत करेंगी तो घर में ही शानदार तोरण एवं बंदनवार भी बना सकती हैं। इसके लिए चार्ट पेपर, कलर्स, कुछ स्केच पेन, गोंद, डोरी और किनारी जैसा सामान भी लगभग घर में ही मिल जाता है। एक अच्छा-सा डिजाइन सोचकर पहले चार्ट पेपर पर अच्छे से ब्लॉक्स बनाकर उसे काट लें। पेपर की मोटाई बढ़ाने के लिए उसके पीछे गत्ता भी चिपका सकती हैं। फिर इन पर शुभ दीपावली के साथ-साथ आप गणेश जी की आकृति भी उकेर सकती हैं या फिर स्वास्तिक या ओम जैसे चिन्हों के स्टिकर भी चिपका सकती हैं। फिर इनके किनारों को धनक या किनारी से सजा लें और सजाए गये ब्लॉक्स को डोरी के साथ गोंद या टेप से चिपका दें। देखिये, बस हो गयी घर में बनी तोरण तैयार। इसी तरह इन ब्लॉक्स के साथ आम की पत्ती का डिजाइन भी बना सकती हैं, जिसे हरे रंग और किनारी से सजाया जा सकता है।
बेकार ना जानें दें बोतलें और सीडी
हम सभी के घरों में कांच की खाली बोतलें अकसर रखी हुई मिल जाती हैं, तो बेकार हो चुकी सीडी वगैरह किसी आफत की तरह होती हैं। इन्हें आप दिवाली की सजावट में बखूबी इस्तेमाल कर सकती हैं। जैसे कांच की बोतल अगर सफेद है तो पहले उसे पेंट के जरिये अच्छे से डेकोरेट कर लें।
घर में सही दिशा में शीशा लगाना भी है जरूरी
कई बार हम लोगों की छोटी-छोटी बातों की अनदेखी घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने लगती हैं। वास्तु शास्त्रियों के अनुसार घर में लगा शीशा भी घर में सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है। यदि शीशा सही दिशा में लगा हो तो घर खुशियों और संपन्नता से भर जाएगा।
दिनभर की थकान के बाद जहां पहला कदम पड़ते ही थके चेहरे पर सुकून की मुस्कान आ जाए, उसे घर कहते हैं। एहसास की ईंटों से बना छोटा-सा घरौंदा हमेशा खुशियों से भरा हो, बस इसी जद्दोजहद में उम्र गुजर जाती है। लेकिन जाने-अनजाने कई दफा छोटी- छोटी बातों की अनदेखी घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने लगते हैं। वास्तु शास्त्रियों के अनुसार घर में लगा शीशा भी घर में सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है। यदि शीशा सही दिशा में लगा हो तो घर खुशियों और संपन्नता से भर जाएगा।
’ वास्तुशास्त्र में दर्पण को उत्प्रेरक बताया गया है, जिसके द्वारा भवन में तरंगित ऊर्जा की सृष्टि सुखद अहसास कराती है। इसके उचित उपयोग द्वारा हम अनेक लाभजनक उपलब्धियां अर्जित कर सकते हैं।
’ भवन के पूर्व और उत्तर दिशा व ईशान कोण में दर्पण की उपस्थिति लाभदायक है।
’ भवन में छोटी और संकुचित जगह पर दर्पण रखना चमत्कारी प्रभाव पैदा करता है।
’ दर्पण कहीं भी लगा हो, उसमें शुभ वस्तुओं का प्रर्तिंबब होना चाहिए।
’ दर्पण को खिड़की या दरवाजे की ओर देखता हुआ न लगाएं।
’ आपका ड्राइंग रूम छोटा हो तो चारों दीवारों पर दर्पण के टाइल्स लगाएं, लगेगा नहीं कि आप अतिथियों के साथ छोटे कमरे में बैठे हैं।
’ कमरे में दीवारों पर आमने-सामने दर्पण लगाने से घर के सदस्यों में बेचैनी और उलझन होती है।
’ दर्पण को मनमाने आकार में कटवाकर उपयोग में न लाएं।
’ मकान का कोई हिस्सा असामान्य शेप का या अंधकारयुक्त हो वहां गोल दर्पण रखें।
’ यदि घर के बाहर इलेक्ट्रिकल पोल, ऊंची इमारतें, अवांछित पेड़ या नुकीले उभार हैं और आप उनका दबाव महसूस कर रहे हैं तो उनकी तरफ उत्तल दर्पण रखें।
’ किसी भी दीवार में आईना लगाते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि वह न एकदम नीचे हो और न अधिक ऊपर, अन्यथा परिवार के सदस्यों को सिरदर्द हो सकता है।
’ यदि बेडरूम में ठीक बिस्तर के सामने दर्पण लगा रखा हो उसे फौरन हटा दें। यहां दर्पण की उपस्थिति वैवाहिक और पारस्परिक प्रेम को तबाह कर सकती है।
’ मकान के ईशान कोण में उत्तर या पूर्व की दीवार पर स्थित वॉशबेसिन के ऊपर दर्पण भी लगाएं। यह शुभ फलदायक है।
’ यदि आपके घर के दरवाजे तक सीधी सड़क आने के कारण द्वार वेध हो रहा है और दरवाजा हटाना संभव नहीं है तो दरवाजे पर पा कुआ दर्पण लगा दें। यह शक्तिशाली प्रतीक है। अत: इसे लगाने में सावधानी रखना चाहिए। इसे किसी पड़ोसी के घर की ओर केंद्रित करके न लगाएं।