पटना में आमतौर पर बोली जानेवाली भोजपुरी में न केवल हिंदी और बल्कि उर्दू के शब्दों का भी समवेश है। यही वजह है कि यहां के लोगों को कव्वाली के शब्दों की गहरी समझ है। यहां के लोग चूंकि संगीतप्रेमी हैं तो उन्हें कव्वाली गायन विधा की अच्छी जानकारी है। ऐसी समझ रखने वालों के शहर में त्योहार के सीजन में दैनिक हिन्दुस्तान ने कव्वाली की शाम आयोजित की है। देश के प्रसिद्ध कव्वाल यहां अपनी कव्वालियां पेश करेंगे तो पटना के लोगों को त्योहारी सीजन में निश्चित तौर पर रुहानी आनंद मिलने वाला है।