इन दिनों जिधर नजर दौड़ाइये डांडिया उत्सव यानी गरबा
की ही धूम है। गुजरात के इस विशिष्ट पारंपरिक नृत्य को देश के विभिन्न राज्यों में
पसंद किया जाता है और इसके लिए अलग से आयोजन किये जाते हैं। गरबा केवल डांडियों ही
नहीं तालियों और पैरों को विशेष ताल के साथ चलाकर खेला जाता है। इलाहाबाज में भी
दैनिक हिन्दुस्तान की ओर से डांडिया उत्सव का आयोजन किया गया है। गरबा के साथ एक
ही स्थान पर म्यूजिक, खाने-पीने के विशेष स्टॉलों और मौज-मस्ती के
लिए भी उपलब्ध रहेंगे। इलाहाबाज के धार्मिक प्रवृत्ति के लोग इस बार गरबा उत्सव
में जमकर मजा कर सकेंगे।