गुजरात के पारंपरिक नृत्य गरबा से कौन परिचित नहीं है। उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में भी यह काफी लोकप्रियता हासिल कर चुका है। गरबा मां दुर्गा और महिषासुर के बीच लड़ाई का नाटकीय रूप है जो तलवारों की बजाय अब डंडियों या डांडियों से खेला जाता है। डांडिया कार्यक्रमों ने एक बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम का रूप ले लिया है और अब इस कार्यक्रम में मेले का माहौल भी बन जाता है। जो लोग गरबा खेलना नहीं जानते वे भी एक ही स्थान पर म्यूजिकए स्पेशल स्टॉलों पर खाने.पीने और मौज.मस्ती के लिए भी गरबा में पहुंचना चाहते हैं। देहरादून के लोगों के लिए भी दैनिक हिन्दुस्तान डांडिया कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। अक्टूबर में होने वाला यह कार्यक्रम यादगार होने वाला है।